Wednesday, November 28, 2018

कई जगहों से ईवीएम ख़राब होने की ख़बर

मध्य प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर मतदान बुधवार सुबह शुरू हो गया. प्रदेश की तीन सीटों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ, जबकि बाक़ी सीटों पर आठ बजे से वोटिंग शुरू हुई. यह तीन सीटें नक्सल प्रभावित क्षेत्र में है जहां पर मतदान दिन के तीन बजे तक ही किया जा सकेगा.

यहां सुबह से मतदाताओं की लम्बी क़तारें मतदान केंद्रों के बाहर देखी गई हैं. चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतेज़ामात किए हैं.

चुनाव आयोग के आकड़ों के मुताबिक़ प्रदेश में सुबह नौ बजे तक 6.32 प्रतिशत मतदान किया जा चुका था.

इधर बुधवार चुनाव ड्यूटी में लगे तीन कर्मचारियों की मौत हार्ट अटैक से हो गई है, इनमें से एक पीठासीन अधिकारी थे.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बीएल कांता राव ने पत्रकारों को जानकारी दी है कि दो लोगों की मौत इंदौर में और एक की मौत गुना में हुई है.

लगभग 70 मतदान केंद्रों में मशीन ख़राब होने की ख़बर आई है. हालांकि बीएल कांता राव ने इस बात से इंकार किया है कि मतदान से पहले बड़ी तादाद में ईवीएम मशीनें ख़राब निकली हैं.

चुनाव आयोग ने बताया कि प्रदेश में अब तक कहीं से भी कोई हिंसा की ख़बर नहीं है.

वोटिंग मशीनों ख़राब होने की शिकायतें कई जगहों से आ रही हैं. इनमें भोपाल के अलावा सतना, उज्जैन, खरगोन, भिंड, ग्वालियर, इंदौर के कुछ मतदान केंद्र हैं. बताया जा रहा है कि इस कारण कई जगहों पर देर से मतदान शुरु हुआ.

बीएल कांता राव ने कहा है कि जहां से भी मशीन ख़राब होने की ख़बर आ रही है, वहां पर 30 मिनट के अंदर ही उसे बदला जा रहा है.

उधर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं. दिग्विजय सिंह ने भी ट्विटर के ज़रिए इस मामले पर सवाल खड़े किए हैं.

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने ट्वीट किया है कि "प्रदेश भर से बड़ी संख्या में ईवीएम मशीनों के ख़राब और बंद होने की जानकारी सामने आ रही है. इससे मतदान प्रभावित हो रहा है. मतदान केंद्रों पर लम्बी लाइनें लग गई हैं. इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे? चुनाव आयोग अविलंब इस पर निर्णय ले .तत्काल बंद मशीनों को बदला जाए."

दिग्विजय सिंह ने भी इस मामले में ट्वीट किया है कि, "कई ऐसे मतदान केंद्रों पर ईवीएम ख़़राब होने की ख़बर मिल रही हैं जहां रुझान कांग्रेस के पक्ष में हैं."

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